Horror story in Hindi padhiye. Yeh darawni kahani ek purani haveli ke raaz par aadharit hai jahan ajeeb ghatnayein hoti hain. Suspense aur darr se bhari kahani. Horror Story in Hindi | Darawni Kahani Jo Aapko Raat Bhar Sone Nahi Degi (2026).
Table of Contents
रात के ठीक 12 बजे थे। चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था। हवा की ठंडी लहरें पेड़ों की शाखाओं को हिला रही थीं, जैसे कोई अनजाना साया उन्हें छूकर गुजर रहा हो।
अर्जुन अपनी बाइक से गाँव की सुनसान सड़क पर जा रहा था। उसे अपने दोस्त रोहित के घर पहुँचना था, लेकिन रास्ते में एक पुरानी हवेली पड़ती थी वही हवेली जिसके बारे में गाँव वाले कहते थे कि वहाँ कोई नहीं जाता।
“ये सब बेकार की बातें हैं…” अर्जुन ने खुद से कहा, लेकिन उसके दिल की धड़कन तेज़ हो चुकी थी।
जैसे ही वह हवेली के पास पहुँचा, उसकी बाइक अचानक बंद हो गई।
“ये क्या यार…” उसने बाइक स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
तभी उसे हवेली के अंदर से हल्की सी रोशनी दिखी।
“अंदर कोई है?” उसने सोचा।
डर के बावजूद, अर्जुन धीरे-धीरे हवेली की ओर बढ़ा। दरवाज़ा आधा खुला था। उसने धक्का दिया और दरवाज़ा चरमराहट के साथ खुल गया।
अंदर घुसते ही एक अजीब सी ठंडक ने उसे घेर लिया।
दीवारों पर पुराने चित्र लगे थे, जिनकी आँखें जैसे उसका पीछा कर रही थीं।
अचानक पीछे से दरवाज़ा जोर से बंद हो गया।
“कौन है?” अर्जुन चिल्लाया।
कोई जवाब नहीं आया।

हवेली का डरावना सच
तभी ऊपर से किसी के चलने की आवाज़ आई “ठक… ठक… ठक…”
अर्जुन का गला सूख गया।
वह धीरे-धीरे सीढ़ियों की ओर बढ़ा।
हर कदम के साथ आवाज़ तेज़ होती जा रही थी।
जैसे ही वह ऊपर पहुँचा, उसने देखा एक कमरा खुला हुआ था।
अंदर एक लड़की खड़ी थी… सफेद कपड़ों में।
उसके बाल उसके चेहरे पर थे।
“तुम कौन हो?” अर्जुन ने डरते हुए पूछा।
लड़की धीरे-धीरे उसकी ओर मुड़ी।
उसका चेहरा… बिल्कुल सफेद था… और उसकी आँखें काली।
“तुम… लौट आए…” उसने धीमी आवाज़ में कहा।
अर्जुन पीछे हट गया।
“मैं तुम्हें नहीं जानता!”
लड़की मुस्कुराई लेकिन वो मुस्कान डरावनी थी।
“पिछली बार भी तुमने यही कहा था…”

अतीत का राज
अर्जुन का दिमाग चकरा गया।
“क्या मतलब?”
अचानक कमरे का दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया।
लाइट्स बुझ गईं।
पूरा कमरा अंधेरे में डूब गया।
और फिर… किसी ने उसके कान में फुसफुसाया
“अब तुम कहीं नहीं जा सकते…”
अर्जुन ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसके पैर जैसे जमीन से चिपक गए थे।
अचानक लाइट वापस आई।
लड़की उसके बिल्कुल सामने खड़ी थी।
उसका चेहरा अब खून से भरा हुआ था।
“तुमने मुझे मारा था…” उसने कहा।
अर्जुन चिल्लाया “नहीं!!!”
लेकिन तभी उसकी यादें वापस आने लगीं।
वो भी कभी इस हवेली में आया था… अपने दोस्तों के साथ।
उन्होंने मज़ाक में उस लड़की को डराया था।
वो भागते हुए सीढ़ियों से गिर गई थी…
और मर गई थी।
डर का अंत
अर्जुन के हाथ कांपने लगे।
“मुझसे गलती हो गई…” उसने कहा।
लड़की की आँखों से खून के आँसू बहने लगे।
“अब तुम्हें भी वही दर्द महसूस होगा…”
अचानक अर्जुन हवा में उठ गया।
उसका शरीर दीवार से टकराया।
वो दर्द से चिल्ला उठा।
“मुझे माफ कर दो!” उसने गिड़गिड़ाया।
लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी।
अगले दिन गाँव वालों ने हवेली के बाहर अर्जुन की बाइक देखी।
जब वो अंदर गए…
तो अर्जुन की लाश सीढ़ियों के नीचे पड़ी थी।
उसकी आँखें खुली थीं…
जैसे उसने कुछ बहुत डरावना देखा हो।
अंत… या शुरुआत?
और तभी ऊपर से फिर वही आवाज़ आई
“ठक… ठक… ठक…”
गाँव वाले डर के मारे भाग गए।
आज भी… उस हवेली में रात के 12 बजे…
वो लड़की घूमती है…
और किसी नए शिकार का इंतज़ार करती है।
👉 और पढ़ें:
Short Horror Stories in Hindi | 5 Darawni Kahani (2026)
Purani Haveli Ka Shraap part – 3 – Real Scary Horror Story
Purani Haveli Ka Shraap Part-2 – Real Scary Horror story
अगर आपको ये Short Horror Stories in Hindi पसंद आई, तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।


1 Comment