नदी किनारे वाली चुड़ैल

Horror Story in Hindi for Reading

रात का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और तेज़ हवाएँ पुराने पेड़ों को झकझोर रही थीं। गांव भैरवपुर के बाहर बहने वाली नदी आज कुछ ज्यादा ही डरावनी लग रही थी। उस नदी के बारे में गांव में एक अजीब कहानी मशहूर थी। लोग कहते थे कि हर अमावस्या की रात नदी किनारे सफेद साड़ी पहने एक औरत दिखाई देती है। उसकी आँखें पूरी काली थीं और उसके पैर उल्टे थे। गांव वाले उसे नदी किनारे वाली चुड़ैल कहते थे।

जो भी उसे देखने की गलती करता…. वह कभी वापस नहीं लौटता।

लेकिन शहर से आया 24 साल का लड़का अर्जुन इन बातों पर विश्वास नहीं करता था। वह एक यूट्यूबर था और भूत-प्रेत की सच्चाई पता करने के लिए अलग-अलग जगहों पर जाता रहता था। जब उसे भैरवपुर की इस चुड़ैल के बारे में पता चला, तो उसने तय कर लिया कि वह इस रहस्य का सच दुनिया के सामने लाकर रहेगा।

भैरवपुर गांव का डर

अर्जुन शाम को गांव पहुँचा। गांव में घुसते ही उसे अजीब सन्नाटा महसूस हुआ। लोग उससे नज़रें चुरा रहे थे। छोटे बच्चे घरों के अंदर छुप गए। एक बूढ़ा आदमी धीरे से उसके पास आया। बेटा…. रात होने से पहले यहां से चले जाओ। अर्जुन मुस्कुराया।

क्यों बाबा….? क्या सच में कोई चुड़ैल है वहां….?

बूढ़े की आँखें डर से कांपने लगीं। वो चुड़ैल नहीं मौत है। अर्जुन ने कैमरा ऑन किया और रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। दोस्तों अभी मैं भैरवपुर गांव में हूं जहाँ लोग नदी किनारे वाली चुड़ैल से बेहद डरे हुए हैं। आज रात मैं उसी नदी के पास जाऊँगा और सच सामने लाऊँगा।

गांव वाले उसकी बातें सुन रहे थे। लेकिन किसी ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की। शायद उन्हें पता था कि अब अर्जुन की मौत तय है। रात होने से पहले अर्जुन गांव के सरपंच से मिला। बहुत मनाने के बाद सरपंच ने उसे चुड़ैल की कहानी बताई।

करीब 20 साल पहले उसी गांव में राधा नाम की एक लड़की रहती थी। वह बेहद सुंदर थी। उसकी शादी पास के गांव के एक लड़के से होने वाली थी। लेकिन शादी से कुछ दिन पहले गांव के कुछ दरिंदों ने उसके साथ नदी किनारे बुरा काम किया और फिर उसे मारकर नदी में फेंक दिया। राधा की लाश कभी नहीं मिली।

उस घटना के बाद गांव में अजीब घटनाएँ होने लगीं। रात को लोगों को नदी किनारे औरत के रोने की आवाज़ें सुनाई देतीं। कई लोग गायब हो गए। जो बचे उन्होंने सिर्फ एक बात कही उसके पैर उल्टे थे।

अमावस्या की रात

उस रात अमावस्या थी। आसमान में चाँद नहीं था। सिर्फ घना अंधेरा। अर्जुन कैमरा और टॉर्च लेकर नदी की तरफ चल पड़ा। हवा में मिट्टी और गीले पानी की बदबू फैली हुई थी। जैसे-जैसे वह नदी के करीब पहुँच रहा था। उसके कानों में किसी औरत के रोने की आवाज़ आने लगी। वह रुका।

कौन है वहाँ…….?

कोई जवाब नहीं आया। सिर्फ रोने की आवाज़ और तेज हो गई। अर्जुन ने कैमरा उस दिशा में घुमाया। दूर नदी के किनारे एक सफेद आकृति खड़ी थी। लंबे खुले बाल, सफेद साड़ी और सिर नीचे झुका हुआ। अर्जुन के शरीर में हल्की सिहरन दौड़ गई लेकिन उसने खुद को संभाला।

दोस्तों लगता है कोई औरत यहाँ खड़ी है। शायद गांव वाले इसी को चुड़ैल समझते हैं। वह धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा। जैसे ही अर्जुन उस औरत के पास पहुँचा अचानक हवा बहुत ठंडी हो गई। उसकी टॉर्च बार-बार झिलमिलाने लगी।

और तभी…..

वह औरत धीरे-धीरे उसकी तरफ मुड़ी। अर्जुन की सांस रुक गई। उसका चेहरा पूरी तरह जला हुआ था। आँखें काली थीं और होंठ फटे हुए। लेकिन सबसे डरावनी चीज़ थी उसके पैर…. वे सच में उल्टे थे। अर्जुन डरकर पीछे हट गया।

त….. तुम कौन हो…..?

औरत के चेहरे पर खतरनाक मुस्कान आ गई। तुम्हें सच जानना था ना। उसकी आवाज़ इंसानी नहीं थी। ऐसा लग रहा था जैसे कई लोग एक साथ बोल रहे हों। अचानक कैमरा बंद हो गया। टॉर्च भी बुझ गई। चारों तरफ सिर्फ अंधेरा था।

नदी में छुपा हुआ सच

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अर्जुन भागने लगा लेकिन उसे महसूस हुआ कि कोई उसके पीछे दौड़ रहा है। पानी में किसी के चलने की आवाज़।

छप….. छप…. छप….

उसने पीछे मुड़कर देखा। वह चुड़ैल नदी के पानी पर खड़ी थी। धीरे-धीरे उसकी तरफ बढ़ रही थी। अर्जुन पूरी ताकत से भागा और एक पुराने मंदिर के अंदर जाकर छुप गया। मंदिर के अंदर एक बूढ़ा साधु बैठा था। उसने अर्जुन को देखकर कहा।

वो तुम्हें छोड़ने वाली नहीं है। अर्जुन काँपते हुए बोला। वो क्या है। साधु ने गहरी सांस ली। वो राधा की आत्मा है। लेकिन अब उसमें सिर्फ नफरत बची है। उसे मुक्ति कैसे मिलेगी। साधु ने नदी की तरफ देखा। जिसने उसके साथ बुरा किया था। वे सब मर चुके हैं। लेकिन एक आदमी अभी जिंदा है।

कौन…………?

इस गांव का सरपंच। अर्जुन को यकीन नहीं हुआ। जिस आदमी ने उसे कहानी सुनाई थी। वही असली गुनहगार था। साधु ने बताया कि सरपंच ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर राधा की जिंदगी बर्बाद की थी। बाद में उसने पैसे और डर के दम पर पूरे गांव को चुप करा दिया।

लेकिन राधा की आत्मा शांत नहीं हुई। हर अमावस्या को वह वापस आती और उन लोगों को मार देती जो सच छुपाते थे। अर्जुन ने तय किया कि वह सरपंच का सच दुनिया के सामने लाएगा। लेकिन तभी मंदिर के बाहर किसी के हँसने की आवाज़ आई।

धीमी….. डरावनी….. औरत की हँसी…..

साधु डर गया। वो यहाँ आ चुकी है।

मौत का खेल

मंदिर के दरवाजे अपने आप बंद हो गए। दीवारों पर खून के निशान उभरने लगे। अर्जुन ने कांपते हाथों से कैमरा चालू किया। कैमरा चल गया लेकिन स्क्रीन पर सिर्फ एक चेहरा दिखाई दे रहा था। राधा का चेहरा। वह कैमरे के अंदर मुस्कुरा रही थी।

अचानक मंदिर की घंटियाँ अपने आप बजने लगीं।

टन….. टन….. टन….

और फिर छत से खून टपकने लगा। अर्जुन डर के मारे चीख पड़ा। साधु मंत्र पढ़ने लगा। लेकिन तभी चुड़ैल मंदिर के अंदर प्रकट हुई। उसके बाल हवा में उड़ रहे थे। आँखों से काला खून बह रहा था।

वह धीरे-धीरे अर्जुन के करीब आई। तुम भी उन्हीं जैसे हो। नहीं अर्जुन चिल्लाया। मैं तुम्हारी मदद करना चाहता हूँ। चुड़ैल कुछ पल के लिए रुक गई। फिर उसने अपना हाथ अर्जुन के सिर पर रखा। अचानक अर्जुन को सब दिखाई देने लगा।

राधा की चीखें, उसकी हत्या, उसका नदी में डूबना और सरपंच की हँसी, अर्जुन की आँखों से आँसू निकल पड़े। सुबह होने से पहले अर्जुन गांव पहुँचा। वह सीधे सरपंच के घर गया। मुझे सब पता चल चुका है। सरपंच का चेहरा सफेद पड़ गया।

त…. तुम क्या बोल रहे हो ?

अर्जुन ने कैमरे की रिकॉर्डिंग दिखाई। उसमें सब कुछ रिकॉर्ड था। राधा की आवाज़, मंदिर और सरपंच का नाम। सरपंच घबराकर भागने लगा। लेकिन तभी बाहर तेज़ आंधी चलने लगी। दरवाजे अपने आप बंद हो गए और कमरे के कोने में वही सफेद साड़ी वाली चुड़ैल दिखाई दी।

सरपंच डर के मारे जमीन पर गिर पड़ा। मुझे माफ कर दो राधा। चुड़ैल धीरे-धीरे उसके करीब आई। क्या तुमने मुझे माफ किया था….? अगले ही पल पूरे घर में उसकी चीख गूंज उठी। गांव वाले बाहर खड़े काँप रहे थे। कुछ देर बाद सब शांत हो गया।

जब लोगों ने दरवाजा खोला। अंदर सिर्फ सरपंच की लाश थी। उसकी आँखें बाहर निकली हुई थीं। और गले पर उंगलियों के निशान थे।

चुड़ैल की मुक्ति

उस रात के बाद गांव में फिर कभी कोई अजीब घटना नहीं हुई। नदी किनारे रोने की आवाज़ें बंद हो गईं। लोगों का मानना था कि राधा की आत्मा को आखिरकार इंसाफ मिल गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

कुछ महीनों बाद अर्जुन ने अपनी रिकॉर्डिंग इंटरनेट पर अपलोड की। वीडियो तेजी से वायरल हो गया। लेकिन वीडियो के आखिरी 5 सेकंड देखकर लोग डर गए। वीडियो खत्म होने से पहले स्क्रीन पर अचानक वही चुड़ैल दिखाई दी। वह कैमरे के बिल्कुल पास आकर मुस्कुराई….. और धीमी आवाज़ में बोली।

मैं अभी भी यहीं हूँ……..

उसके बाद वीडियो अपने आप डिलीट हो गया और अर्जुन……. वह भी अचानक गायब हो गया। आज तक किसी को नहीं पता कि उसके साथ क्या हुआ। लेकिन भैरवपुर गांव के लोग आज भी अमावस्या की रात नदी के पास नहीं जाते। क्योंकि उनका मानना है……। नदी किनारे वाली चुड़ैल आज भी वहाँ भटकती है।

अगर आपको यह Horror Story in Hindi for Reading पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। लेकिन याद रखिए…… अगर कभी किसी सुनसान नदी किनारे रात में किसी औरत के रोने की आवाज़ सुनाई दे। तो पीछे मुड़कर मत देखना।

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