Table of Contents
बरसात की वह डरावनी रात
जुलाई की एक तूफानी रात थी। घड़ी में ठीक 2:47 बजे थे। बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और तेज़ हवाओं की वजह से पेड़ों की टहनियाँ घर की दीवारों से टकरा रही थीं। पूरा मोहल्ला अंधेरे में डूबा हुआ था क्योंकि बिजली कई घंटे पहले ही चली गई थी।
अमन, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। उस रात घर में बिल्कुल अकेला था। उसके माता-पिता रिश्तेदारी में गए हुए थे और अगले दिन लौटने वाले थे। अमन ने लैपटॉप बंद किया कॉफी का आखिरी घूंट पिया और सोने की तैयारी करने लगा।
तभी….
उसकी खिड़की पर किसी के हल्के-हल्के खटखटाने की आवाज़ आई।
टक…. टक…. टक….
अमन ने सोचा शायद पेड़ की कोई टहनी होगी। उसने ध्यान नहीं दिया। लेकिन कुछ सेकंड बाद
टक…. टक…. टक….
इस बार आवाज़ पहले से ज़्यादा साफ़ थी।
अमन धीरे-धीरे खिड़की के पास गया। पर्दे को थोड़ा-सा हटाकर बाहर देखा। बाहर सिर्फ़ अंधेरा था। सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट भी बंद थी। उसे कुछ दिखाई नहीं दिया। वह वापस मुड़ने ही वाला था कि अचानक बिजली चमकी।
सिर्फ़ एक पल के लिए पूरा आँगन रोशनी से भर गया और उसी एक पल में…..
अमन ने उसे देखा। बारिश में भीगी एक औरत। सफेद साड़ी पहने। लंबे काले बाल उसके चेहरे पर बिखरे हुए थे। वह बिल्कुल खिड़की के सामने खड़ी थी।
और हिल भी नहीं रही थी। बिजली गई और फिर सब अंधेरा हो गया। अमन का दिल तेज़ी से धड़कने लगा। उसने खुद को समझाया। शायद कोई मदद माँगने आया होगा। लेकिन जैसे ही उसने दोबारा बाहर देखा।
वहाँ कोई नहीं था।
कैमरे में कैद हुआ डर
अमन के घर के बाहर एक CCTV कैमरा लगा हुआ था। उसने मोबाइल में कैमरे की लाइव फीड खोली। स्क्रीन पर वही जगह दिखाई दे रही थी।
लेकिन…. खिड़की के सामने कोई नहीं था।
तभी मोबाइल स्क्रीन पर अचानक हल्की-सी रुकावट आई और अगले ही सेकंड स्क्रीन के बिल्कुल पास एक औरत का चेहरा दिखाई दिया।
सफेद आँखें….
काला मुस्कुराता हुआ मुँह….
और भीगे हुए बाल।
अमन डरकर मोबाइल गिरा बैठा। जब उसने दोबारा स्क्रीन उठाई सब सामान्य था। उसी समय…..
पीछे वाली खिड़की पर फिर आवाज़ आई।
टक…. टक…. टक….
इस बार आवाज़ उसके कमरे के अंदर वाली खिड़की से आ रही थी।
अमन ने हिम्मत जुटाकर पर्दा हटाया। वह औरत अब पहले से भी ज़्यादा करीब खड़ी थी। उसका चेहरा अब साफ दिखाई दे रहा था। लेकिन सबसे डरावनी बात यह थी कि….
उसकी आँखें नहीं थीं।
जहाँ आँखें होनी चाहिए थीं….
वहाँ सिर्फ़ काला अंधेरा था। वह धीरे-धीरे अपना हाथ उठाने लगी। उसकी उँगली सीधे अमन की ओर इशारा कर रही थी। फिर उसने खिड़की के शीशे पर अपनी उँगली से कुछ लिखा। बारिश की बूंदों के बीच सिर्फ़ तीन शब्द दिखाई दिए।
मुझे अंदर आने दो….
अमन पीछे हट गया। उसे अपनी दादी की एक पुरानी बात याद आई।
रात में कोई अनजान आवाज़ तुम्हें बुलाए या दरवाज़ा खटखटाए…. तो कभी जवाब मत देना।
अमन बिल्कुल चुप खड़ा रहा। कुछ सेकंड तक वह औरत वहीं खड़ी रही।
फिर…..
वह मुस्कुराई और अचानक….
गायब हो गई।
अगली सुबह का चौंकाने वाला सच
सुबह जब अमन की आँख खुली, बारिश रुक चुकी थी। उसने सबसे पहले बाहर जाकर खिड़की देखी। शीशे पर अब भी उँगलियों के निशान बने हुए थे और वही तीन शब्द….
धुंधले-से अब भी दिखाई दे रहे थे।
मुझे अंदर आने दो….
अमन ने पूरी घटना पड़ोस में रहने वाले बुज़ुर्ग शर्मा जी को बताई। उन्होंने कुछ देर चुप रहने के बाद कहा। बीस साल पहले इसी घर में एक महिला रहती थी। एक रात बारिश के दौरान उसने मदद के लिए बहुत दरवाज़े खटखटाए।
लेकिन किसी ने दरवाज़ा नहीं खोला। सुबह उसकी लाश इसी खिड़की के नीचे मिली थी। अमन के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। उसने उसी दिन वह घर छोड़ दिया।
लेकिन…..
कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। एक सप्ताह बाद जब वह अपने नए फ्लैट में रहने लगा। रात के ठीक 2:47 बजे….
उसके मोबाइल पर लगे CCTV कैमरे का नोटिफिकेशन आया।
Motion Detected Near Window
अमन ने काँपते हाथों से लाइव वीडियो खोला। स्क्रीन पर बारिश में भीगी वही सफेद साड़ी वाली औरत इस बार उसके नए घर की खिड़की के बाहर खड़ी थी और धीरे-धीरे शीशे पर फिर वही तीन शब्द लिख रही थी।
मुझे अंदर आने दो….
THE END |
कहानी कैसी लगी ? कमेंट करके ज़रूर बताइए।
अगर आपको भूतिया स्थानों, सच्ची डरावनी घटनाओं, चुड़ैल, डायन और रहस्यमयी कहानियाँ पढ़ना पसंद है, तो हमारे ब्लॉग को Subscribe करना न भूलें। Subscribe करना बिल्कुल फ्री (FREE) है।
हम नियमित रूप से नई Real Horror Stories, Haunted Places, Bhoot Stories और Paranormal Experiences प्रकाशित करते हैं, जो आपकी रूह तक कंपा देंगी। डर की इस दुनिया से जुड़े रहें….. क्योंकि अगली कहानी शायद इस कहानी से भी ज्यादा खौफनाक हो।
नीचे अपना Email दर्ज करें और अभी Subscribe करें
1 thought on “खिड़की के बाहर खड़ी औरत | Short Horror Story in Hindi”
Comments are closed.