हवेली जो साँस लेती थी Part-2
हवेली का इतिहास आरव ने खुद को समझाया कि यह सब उसका वहम है। हवा पुरानी थी, लकड़ी सड़ी हुई थी… और रात बहुत शांत। ऐसे में कोई भी आवाज़ डरावनी लग सकती है। लेकिन हवेली की दीवारों में कुछ था — जैसे वे सुन रही हों। सीढ़ियाँ चढ़ते समय हर कदम के साथ धूल […]

