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हवेली जो साँस लेती थी Part-2

हवेली का इतिहास आरव ने खुद को समझाया कि यह सब उसका वहम है। हवा पुरानी थी, लकड़ी सड़ी हुई थी… और रात बहुत शांत। ऐसे में कोई भी आवाज़ डरावनी लग सकती है। लेकिन हवेली की दीवारों में कुछ था — जैसे वे सुन रही हों। सीढ़ियाँ चढ़ते समय हर कदम के साथ धूल […]

हवेली जो साँस लेती थी Part-1

चाँदनी रात में जागती परछाइयों का अभिशाप वापसी बरसों बाद जब आरव ने अपने गाँव “भैरवपुर” की पगडंडी पर कदम रखा, तो उसे लगा जैसे समय ठहर गया है — लेकिन हवा बदल चुकी थी। गाँव के बाहर, पीपल और बरगद के घने पेड़ों के पीछे छिपी वह पुरानी हवेली अब भी खड़ी थी। वही […]

भूतिया तस्वीर

एक बहुत पुराना म्यूज़ियम था| म्यूज़ियम की दीवारों पर, हज़ारों ऐतिहासिक तस्वीरें लगी हुई थी और उन्हीं तस्वीरों में, कुछ ऐसी, ज़िंदा तस्वीरें भी थीं, जिन्हें भूतिया तस्वीर (Bhutiya Tasveer) कहना ही सही होगा| म्यूज़ियम कई सालों से बंद था, इसलिए हादसे भी थमे हुए थे, लेकिन एक सरकारी आदेश ने, शहरवासियों को फिर से […]

प्यासी रूह

रात के करीब ढाई बज रहे होंगे। नाइट शिफ्ट करने के बाद मैं पैदल ऑफ़िस से घर की और लौट रहा था। वाहन न होने के कारण बीते एक-डेढ़ साल से महानगर की सूनी बियावान और लंबी सड़कें हमसाया बनकर मेरे साथ चलती रही हैं। बाप रे! इतनी लंबी-लंबी और भूतिया सड़कें। खत्म होने का […]

अँधेरे का निमंत्रण Part-4 – best horror story in hindi

वापसी हवेली बिक चुकी थी। नए मालिक—एक व्यापारी परिवार—ने उसे सस्ते दाम में खरीद लिया। उनका मानना था कि “भूत-वूत कुछ नहीं होता।” पुरानी इमारत थी, थोड़ी मरम्मत होगी और किराए पर चढ़ जाएगी। पहली रात सब सामान्य रहा। दूसरी रात, घर की सबसे छोटी बेटी, तृषा, ने कहा— “माँ, ऊपर वाले कमरे में कोई […]

अँधेरे का निमंत्रण Part-3 – best horror story in hindi

अधूरी मुक्ति सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए अद्वैत ने तय कर लिया था—वह अब इस हवेली में एक रात भी नहीं रुकेगा। नीचे आँगन में पहुँचते ही उसने दरवाज़ा खोला। बाहर वही तंग गली थी, सुबह की धूप दीवारों से टकराकर अंदर झाँक रही थी। दूर कहीं मंदिर की घंटी बज रही थी—शायद काशी विश्वनाथ […]

अँधेरे का निमंत्रण Part-2 – Best horror story in hindi

दर्पण के उस पार जब अद्वैत की आँख खुली, वह अपने ही बिस्तर पर था। खिड़की से सुबह की रोशनी अंदर आ रही थी। “सपना था…” उसने राहत की साँस ली। पर उसके हाथ पर गहरे नाखूनों के निशान थे। वह भागकर ऊपर वाले कमरे में गया। दरवाज़ा खुला था। अंदर सब सामान्य। कुर्सी स्थिर। […]

अँधेरे का निमंत्रण Part-1 – Best Horror Story in Hindi

वाराणसी की तंग गलियों में रात हमेशा थोड़ी लंबी लगती है। खासकर तब, जब गंगा के घाटों पर धुआँ देर तक ठहरा रहे और हवा में राख की महीन गंध तैरती रहे। अद्वैत ने कभी सोचा भी नहीं था कि उसे अपने दादा की पुरानी हवेली में लौटना पड़ेगा। दादा के निधन के बाद वकील […]