अँधेरे का निमंत्रण Part-2 | निमंत्रण के पीछे छिपा था मौत का राज
दर्पण के उस पार जब अद्वैत की आँख खुली वह अपने ही बिस्तर पर था। खिड़की से सुबह की रोशनी अंदर आ रही थी। सपना था….. उसने राहत की साँस ली। पर उसके हाथ पर गहरे नाखूनों के निशान थे। वह भागकर ऊपर वाले कमरे में गया। दरवाज़ा खुला था। अंदर सब सामान्य। कुर्सी स्थिर। … Read more