अँधेरे का निमंत्रण Part-1 | आधी रात मिला एक रहस्यमयी बुलावा
वाराणसी की तंग गलियों में रात हमेशा थोड़ी लंबी लगती है। खासकर तब जब गंगा के घाटों पर धुआँ देर तक ठहरा रहे और हवा में राख की महीन गंध तैरती रहे। अद्वैत ने कभी सोचा भी नहीं था कि उसे अपने दादा की पुरानी हवेली में लौटना पड़ेगा। दादा की पुरानी हवेली में लौटने … Read more