जिस मंदिर का दरवाज़ा इंसानों के लिए नहीं खुलता था
बरसात की आखिरी रात थी। आसमान में बादल इस तरह गरज रहे थे मानो किसी अनहोनी का ऐलान कर रहे हों। बिजली की चमक हर कुछ सेकंड बाद पूरे गाँव कालीधाम को पलभर के लिए रोशन कर देती और फिर सब कुछ पहले से भी गहरे अंधेरे में डूब जाता। यह गाँव नक्शे पर तो … Read more