हर अमावस्या को दुल्हन के दरवाज़े पर कौन आता था ?, न्यू हॉरर स्टोरी इन हिंदी

हर अमावस्या को लौटने वाला दूल्हा | Real Horror Story in Hindi

बारात जो कभी अपने घर नहीं पहुँची उत्तर प्रदेश के देवगढ़ गाँव में एक पुरानी कहावत पीढ़ियों से चली आ रही थी। अमावस्या की रात अगर दूर से शहनाई सुनाई दे…. तो कभी उस रास्ते पर मत जाना। गाँव वाले कहते थे कि वह किसी शादी की शहनाई नहीं होती। बल्कि…. एक ऐसी बारात की … Read more

पीपल के पेड़ वाली डायन | Horror story in hindi for reading

पीपल के पेड़ वाली डायन | Horror story in hindi for reading

अमावस्या की रात जिसने पूरे गाँव को दहशत में डाल दिया हर गाँव में एक ऐसी जगह होती है जहाँ जाने से लोग डरते हैं। हमारे गाँव रामपुरा में वह जगह थी। पुराने तालाब के किनारे खड़ा विशाल पीपल का पेड़। दिन में वह सामान्य दिखाई देता था। लेकिन जैसे ही सूरज ढलता…. उसके आसपास … Read more

आधी रात को कुएँ से आती आवाज़ | Horror Story in Hindi

आधी रात को कुएँ से आती आवाज़ | Horror Story in Hindi

उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव में एक बहुत पुराना कुआँ था। गाँव वाले कहते थे कि उस कुएँ के पास रात में कोई नहीं जाता। दिन में भी लोग उससे दूर ही रहते थे। कई साल पहले वहाँ एक औरत ने आत्महत्या कर ली थी और तभी से उस जगह के बारे में … Read more

नदी किनारे वाली चुड़ैल | horror story in hindi

नदी किनारे वाली चुड़ैल

Horror Story in Hindi for Reading रात का समय था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और तेज़ हवाएँ पुराने पेड़ों को झकझोर रही थीं। गांव भैरवपुर के बाहर बहने वाली नदी आज कुछ ज्यादा ही डरावनी लग रही थी। उस नदी के बारे में गांव में एक अजीब कहानी मशहूर थी। लोग कहते … Read more

श्रापित पेड़ – गाँव के उस पेड़ का खौफनाक रहस्य | Horror Stories in Hindi for reading

श्रापित पेड़ - गाँव के उस पेड़ का खौफनाक रहस्य | Horror Stories in Hindi for reading

गाँव के बीचों-बीच खड़ा वह पुराना बरगद का पेड़ सिर्फ एक पेड़ नहीं था, बल्कि एक ऐसा डर था जिससे पूरा गाँव काँपता था। लोग कहते थे कि रात होते ही वहाँ किसी औरत के रोने की आवाज़ सुनाई देती है और जो भी उस पेड़ के पास जाता है, वह कभी पहले जैसा वापस … Read more

जीवाधारी – खजानों के रहस्यमयी रक्षक | सच्ची डरावनी कहानी हिंदी में

जीवाधारी - खजानों के रहस्यमयी रक्षक

दोस्तों, ये घटना तब की है जब मेरी नानी जी की उम्र 23 – 24 की रही होगी। तब वह उत्तर प्रदेश के सुलतान पुर जिले के एक गाँव में रहती थीं। वहीँ उनका मायका है। उस समय में अक्सर बंजारे और नट अपनी टोलियाँ बनाकर घूमा करते थे। ये नट और बंजारे एक स्थान … Read more