उस रात मैंने अपनी ही कब्र देखी Part-1 (Kabr ki darawani kahani)
कब्र पर लिखा था मेरा नाम…. रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे थे। मैं अपनी बाइक पर घर लौट रहा था। नवंबर का महीना था और ठंडी हवा पूरे हाईवे पर अजीब सी खामोशी फैला रही थी। सड़क लगभग खाली थी। कभी-कभार कोई ट्रक गुजर जाता और फिर सब कुछ पहले जैसा शांत हो जाता। … Read more